संवैधानिक मार्ग से हिन्दू राष्ट्र स्थापित करेंगे ! – हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन

दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ को हिन्दुत्वनिष्ठों का स्वयंस्फूर्त प्रतिसाद ! पणजी (गोवा) – संवैधानिक एवं संसदीय मार्ग से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हो सकती है, इसपर दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र…

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अग्निपथ योजना अग्निपरीक्षा में सफल

सैनिकों की भर्ती के लिए भारत सरकार की अग्निपथ योजना की घोषणा सही दिशा में सार्थक और सकारात्मक कदम – सुजान आर. चिनॉय हाल में, मोदी सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों के साथ एक आधुनिक युद्धक बल के रूप में तेजी से विक सित करने की दिशा में कई सार्थक कदम उठाकर रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सैनिकों की भर्ती के लिए भारत सरकार की अग्निपथ योजना की घोषणा करना सही दिशा में एक और सकारात्मक कदम है। इनमें से अधिकांश सैनिक चार साल तक अपनी सेवा देंगे। प्रस्ताव के अनुसार विशेष रैलियों और परिसर में आयोजित साक्षात्कार के माध्यम से तीनों सेनाओं के लिए एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रणाली द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों जैसे मान्यताप्राप्त तकनीकी संस्थानों से  “अखिल भारतीय ऑल क्लास”(एआईएसी) पर आधारित 17.5 से 21 वर्ष की आयु के बीच अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। चिकित्सा योग्यता और कठोर प्रशिक्षण मानकों को बनाए रखा जाएगा और उनका चयन सशस्त्र बलों का एक विशेष डोमेन होगा। अग्निवीरों की एक अलग रैंक होगी। प्रत्येक विशिष्ट बैच में 25 प्रतिशत तक सर्वश्रेष्ठ अग्निवीरों को एक वस्तुनिष्ठ, पारदर्शी और योग्यता-आधारित मूल्यांकन के आधार पर, नियमित संवर्ग के लिए न्यूनतम 15 वर्षों के लिए चुना जाएगा। यह योजना परिलब्धियों और भुगतान के मामले में उदार और आकर्षक दोनों है। सेवा से मुक्त होने पर, अग्निवीर एक विशेष योग्यता प्रमाणपत्र के धारक के रूप में नागरिक समाज में वापस आ जाएंगे और देश भर में उपलब्ध आत्मविश्वास से परिपूर्ण और अनुशासित मानव संसाधनों की रीढ़ बन जाएंगे। वैकल्पिक नौकरियों में प्लेसमेंट सहित समाज और आजीविका में उनका एकीकरण सक्रिय रूप से सुगम होगा, जिसमें उच्च शिक्षा के लिए क्रेडिट भी शामिल है । चौथे वर्ष में प्रति माह 40000 रुपये का एक समग्र पैकेज पाने के अलावा, उनमें से प्रत्येक को 11.71 लाख रुपये सेवा निधि पैकेज के माध्यम से, जिसमें उनके मासिक वेतन के 30 प्रतिशत के योगदान का मिलान सरकार द्वारा समान राशि से किया जाएगा। वास्तव में, उनके पास व्यक्तिगत बचत के अलावा, सेवा के बाद अपने सपनों को पूरा करने के लिए, आयकर से मुक्त एक बड़ी एकमुश्त राशि होगी। उन्हें 48 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर, मृत्यु के मामले में 44 लाख रुपये का अनुग्रह भुगतान और मृत्यु के मामले में शेष 4 साल की सेवा के लिए भुगतान मिलेंगे, जो बड़े प्लस पॉइंट हैं। 100/75/50 प्रतिशत विकलांगता के लिए क्रमशः 44/25/15 लाख रुपये का विकलांगता मुआवजा सबसे अधिक आश्वस्त करने वाला है। भारत सरकार की यह पथ-प्रदर्शक पहल युवा, देशभक्त, शारीरिक रूप से फिट और अत्यधिक प्रेरित युवाओं की नियमित भर्ती और रोजगार का अवसर को खोल देगी, जो गर्व के साथ वर्दी पहनना चाहते हैं और कम समय के लिए राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं। इस साल कुल मिलाकर 46,000 अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। सैनिकों के लिए 17 साल की “कलर सर्विस” के परिणामस्वरूप एक अनुभवी और कठोर युद्ध क्षमता वाली सेना हो सकती है, लेकिन इसने एक उम्रदराज सेना भी बनाई जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक पुरुष 30 वर्ष से अधिक आयु के हैं। उदाहरण के तौर पर, यह ध्यान देने योग्य है कि 1978 में भारतीय सेना अन्य रैंकों (ओआर) के स्तर पर वर्तमान की तुलना में अधिक युवा थी, जिसमें कुल 8,45,025 पुरुषों में से 72.6 प्रतिशत सिपाही और 1.6 प्रतिशत सूबेदार थे। आज सिपाहियों की संख्या 40 प्रतिशत से नीचे गिर गई है।  खासकर अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जब शारीरिक रूप से जोरदार तैनाती की बात आती है, तो ऐसे में यह एक वांछनीय मिश्रण नहीं है । भारत के सशस्त्र बलों को छरहरा, फिटर और अधिक युवा होने की जरूरत है। वर्तमान में, नियमित पदोन्नति के कारण जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) और समकक्ष रैंकों की संख्या आनुपातिक रूप से अधिक है। केवल सशस्त्र बलों को युवा रखने के लिए अधिक से अधिक संख्या में भर्ती करना स्पष्ट रूप से टिकाऊ नहीं है। अग्निपथ योजना युवा रंगरूटों की निरंतर भर्ती सुनिश्चित करते हुए इनकी कुल संख्या को नियंत्रित रखने में मदद करेगी। दुनिया की सभी प्रमुख सेनाएं सुधार के दौर से गुजर रही हैं। कर्मियों की संख्या में कमी और आधुनिक हथियारों और उपकरणों पर पूंजीगत व्यय बढ़ाने पर जोर देने की ओर रुझान है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने 1980 के दशक के बाद से बड़े पैमाने पर विमुद्रीकरण किया, आधुनिकीकरण पर ध्यान देने के साथ, कुल संख्या 4.5 मिलियन से घटाकर लगभग 2 मिलियन कर दी। आज भारतीय सशस्त्र बलों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक कुल मिलाकर बजटीय बाधा है। यह इस तथ्य के बावजूद है कि मोदी सरकार ने विशेष रूप से पूर्वी लद्दाख में चीनी आक्रमण के बाद सशस्त्र बलों को आवश्यक हथियार और उपकरण उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अत्यधिक वेतन और पेंशन बिलों ने सैन्य आधुनिकीकरण के लिए धन की उपलब्धता पर भारी दबाव डाला है। भारत में अग्निपथ योजना का उद्देश्य  पेंशन और ग्रेच्युटी पर समग्र बोझ में…

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बाऐंसें अधिवक्ता मदन मोहन यादव, श्री. सुभाष वेलिंगकर, अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, श्री. रमेश शिंदे एवं श्री. जयेश थळी

इन्क्विजिशन के अत्याचारों की जानकारी नई पीढी को देने के लिए शीघ्र ही ‘गोवा फाइल्स-2’- सुभाष वेलिंगकर, गोवा

भगवान परशुराम गोवा की रक्षा करते हैं । गोवा के काले इतिहास में हुए‘इन्क्विजिशन’ के लिए कथित संत फ्रान्सिस जेवियर ही उत्तरदायी था । इसलिए गोवामें 250 से अधिक वर्ष…

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‘हलाल’ अर्थव्यवस्था के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था तथा सुरक्षा संकट में – रमेश शिंदे

कर्नाटक राज्य में ‘हलाल’ की अनिवार्यता के विरोध में हिन्दू समाज सडकपर उतरा है । ‘हलाल’ नामक इस्लामिक संकल्पना ‘सेक्युलर’ कहलानेवाले भारत केबहुसंख्यक 78 प्रतिशत हिन्दुओं पर थोपी जा रही…

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