ज्ञानव्यापी संघर्ष के पीछे किन शक्तियों का हाथ रहा है इसे पहले पावदान तक सफलता पूर्वक पहुंचाने में

एक नायक वकील विष्णु जैन रहे जिनके साहस के कारण मुकदमा यहां तक पहुंचा. ये वही वकील है जिन्होंने कुतुबमीनार से मूर्ति हटाने के ASI फतवे पर रोक लगाई. यही…

Read More »

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से 39 दिन पूर्व ‘योग उत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से 39 दिन पूर्व ‘योग उत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन आज सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो और रीजनल आउटरीच ब्यूरो पटना द्वारा कर्पूरी ठाकुर सदन,…

Read More »

बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री बंटवारा और दान का रजिस्‍ट्रेशन कराना अब बेहद आसान हो गया

सरकार की नई व्‍यवस्‍था में आपको न तो किसी की चिरौरी करने की जरूरत रह गई है और न किसी को एक पैसे नजराना देने की ही बिहार में अब…

Read More »

सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद रामनवमी शोभा यात्रा अभिनंदन समिति पटना द्वारा भव्य आयोजन में भाग लेकर पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन और विधान सभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के साथ दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किये

मंत्री नितिन नवीन ने डाकबंगला चौराहा का नाम श्री राम चौक के नाम से करने घोषणा किये. मंत्री ने कहा कि डाकबंगला चौराहा अब राम चौक के रूप में नजर…

Read More »

फ्री-फ्री-फ्री वोटबैंक की राजनीति, रियायतों के बोझ, मुफ्त के मर्ज और कर्ज के जाल में फंसा श्रीलंका! पंजाब, दिल्ली और राजस्थान भी इसी राह पर

श्रीलंकाई जनता का मानना हैं कि चीन की भक्ति और भारत के कांग्रेस पार्टी की तरह घोटाले पर घोटाले करके देश की अर्थव्यवस्था को राजपक्षे परिवार ने रसातल में गिरा…

Read More »

भागलपुर : सुशासन बाबू के राज में अपराधी बेखौफ, प्रशासनिक अधिकारी के सामने घर में घुसकर गोली मारने की धमकी, सन् 2012 से ही अन्याय के शिकार हो रहे अम्बिका सिंह, कब तक मिलेगा इनको न्याय!

थाना अपराधी को कुर्सी पेश करें यह सुशासन बाबू का विफलता नहीं तो क्या है? अपराध बढ़ने के दो कारण प्रमुख है पहला कि अपराधी व्यक्ति अपराध कर लेता है…

Read More »
Hindu_Rashtra

3 अप्रैल को वाराणसी में ‘प्रांतीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन’, हिन्दुओं को समान संवैधानिक अधिकार एवं हिन्‍दू राष्‍ट्र स्‍थापना हेतु एकत्रित होंगे हिन्‍दू संगठन !

भारत के 9 राज्‍यों में हिन्‍दू अल्‍पसंख्‍यक, लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, थूक जिहाद, हिन्‍दू नेताओं की दिन-दहाडे हत्‍या, हलाल सर्टीफिकेशन आदि विषयों पर होगा विमर्श विश्‍वनाथ कुलकर्णी, उत्तरप्रदेश एवं…

Read More »

प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का 5वां  संस्करण 1 अप्रैल, 2022 को आयोजित होगा,

तनाव मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा पे चर्चा को एक जन आंदोलन बनाने का जरूरत, भारत और विदेशों के करोड़ों छात्र, शिक्षक और अभिभावक वर्चुअल तौर पर भागीदारी करेंगे, रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के लिए लगभग 15.7 लाख प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक पंजीकरण कराया ‛प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम -परीक्षा पे चर्चा’विषय पर पत्र सूचना कार्यालय, पटना  द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपर महानिदेशक एस. के. मालवीय ने  कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 अप्रैल, 2022 को परीक्षा पे चर्चा के 5वें संस्करण के दौरान दुनिया भर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा पे चर्चा एक बहु-प्रतीक्षित वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें प्रधानमंत्री एक जीवंत कार्यक्रम में अपनी अनूठी आकर्षक शैली में परीक्षा के तनाव और संबंधित क्षेत्रों से संबंधित छात्रों द्वारा पूछे गए गए सवालों के जवाब देते हैं। उन्होंने बताया कि  5वें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में सुबह 11 बजे से टाउन-हॉल इंटरएक्टिव फॉर्मेट में होगा। उन्होंने कहा कि इसमें भारत और विदेशों के करोड़ों छात्र, शिक्षक और अभिभावक भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का दूरदर्शन (डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया), रेडियो चैनलों, टीवी चैनलों, एडुमिनोफइंडिया, नरेन्द्रमोदी, पीएमओइंडिया, पीआईबीइंडिया के यूट्यूब चैनलों सहित डिजिटल मीडिया, दूरदर्शन नेशनल, मायगॉवइंडिया, डीडीन्यूज, राज्यसभा टीवी, स्वयं प्रभा पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। 2. अपर महानिदेशक ने इस कार्यक्रम को जन आंदोलन बनाने और छात्रों के लिए तनावमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए मीडिया से समर्थन की अपील भी की। देश के कोविड-19 महामारी से उबरने और परीक्षाओं के ऑफलाइन मोड में जाने के मद्देनजर इस वर्ष के पीपीसी के महत्व पर जोर दिया गया है। 21वीं सदी की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण में पीपीसी जैसी पहलों के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि पीपीसी एक औपचारिक संस्था बन रही है जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे छात्रों से बातचीत करते हैं। इस अवसर पर देश भर के चुनिंदा छात्र राज्य के राज्यपालों की मौजूदगी में कार्यक्रम देखने के लिए राजभवनों को भी जाकर देखेंगे। देश भर की राज्य सरकारें भी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करेंगी। पीपीसी को न केवल पूरे भारत में, बल्कि अन्य देशों में भी भारतीय प्रवासियों तक पहुंचाया जाएगा। अपर महानिदेशक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि परीक्षा पे चर्चा युवाओं के लिए तनावमुक्त माहौल बनाने को लेकर प्रधानमंत्री  के नेतृत्व में एक बड़े आंदोलन – ‘एग्जाम वॉरियर्स’ का हिस्सा है। यह एक ऐसा आंदोलन है जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देने के प्रयासों से प्रेरित है, जहां प्रत्येक बच्चे के अद्वितीय व्यक्तित्व का  उत्सव मनाया जाता है, प्रोत्साहित किया जाता है और खुद को पूरी तरह अभिव्यक्त करने की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछने का अवसर मिलेगा, उन्हें विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के आधार पर शॉर्ट-लिस्ट किया गया है। प्रतियोगिता का आयोजन 28 दिसंबर, 2021 से 3 फरवरी, 2022 तक मायगॉव प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया था। उन्होंने कहा कि रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के लिए इस वर्ष 15.7 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया। मायगॉव पर प्रतियोगिताओं के माध्यम से चुने गए प्रतिभागियों को प्रशंसा-पत्र और प्रधानमंत्री द्वारा लिखित एग्जाम वॉरियर्स पुस्तक सहित एक विशेष परीक्षा पे चर्चा किट प्रदान की जाएगी। यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। पीपीसी के पहले तीन संस्करण नई दिल्ली में टाउन-हॉल इंटरएक्टिव प्रारूप में आयोजित किए गए थे। प्रधानमंत्री संवाद कार्यक्रम का पहला संस्करण “परीक्षा पे चर्चा 1.0” 16 फरवरी, 2018 को आयोजित किया गया था। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ उक्त विचार-विमर्श कार्यक्रम का दूसरा संस्करण “परीक्षा पे चर्चा 2.0” 29 जनवरी, 2019 को और तीसरा संस्करण 20 जनवरी, 2020 को आयोजित किया गया था। कोविड 19 महामारी के कारण, चौथा संस्करण 7 अप्रैल, 2021 को ऑनलाइन आयोजित किया गया था।

Read More »

सौभाग्य – एक स्वप्न जिसे हमने साहसपूर्वक हासिल किया

विद्युतीकरण से लोगों के लिए नए-नए अवसरों का द्वार खुलता है – यह नागरिकों को सशक्त बनाता है और इससे उनका जीवन-स्तर पहले से बेहतर हो जाता –आर लक्ष्मणन, कार्यकारी निदेशक, आरईसी…

Read More »

झारखण्ड के राज्यपाल रमेश बैस का स्वागतयोग्य कदम, “भीड़ हिंसा एवं माब लिंचिंग निवारण” विधेयक-2021 को वापस किया

“भीड़ हिंसा एवं माब लिंचिंग निवारण” विधेयक-2021 को एक विशेष मजहब के लोगो को टारगेट करके बनाया गया था, जिसका भाजपा ने पुरजोर विरोध किया था, और हिन्दू को जानबूझ…

Read More »