अमर होने का श्रेष्ठ तरीका है नेत्रदान- सुशील मोदी राज्यसभा सांसद

मृत्यु सुनिश्चित है परन्तु मृत्यु के पश्चात भी अमर होनें का श्रेष्ठ तरीका है.

कंकरबाग़ स्थित बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में दधीचि देहदान समिति के कोषाध्यक्ष श्री प्रदीप चौरसियाजी की 88 वर्षीया माताजी के देहांत पर नेत्रदान कर पीड़ित मानवता की सेवा में असाधारण योगदान के लिए  उनके आवास पर लोकप्रिय राजनेता एवं दधीचि देहदान समिति के मुख्य संरक्षक, लोकप्रिय राजनेता, राज्य सभा सांसद, श्री सुशील कु0 मोदी जी, महासचिव पदमश्री विमल जैन जी एवं समिति के सदस्यों द्वारा धार्मिक,संवेदनशील,जागरूक,परोपकारी परिवार को अंगवस्त्र एवं  प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया  तथा दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी।स्मृतिशेष  की आखों सें कम से कम दो नेत्रहीनों को दृष्टि मिल सकेगी । ज्ञात हो कि मृत्य के 6 घंटो के अंदर कॉर्निया निकाला जा सकता है। मृत्यु सुनिश्चित है परन्तु मृत्यु के पश्चात भी अमर होनें का श्रेष्ठ तरीका है.

नेत्रदान ।महासचिव पदमश्री विमल जैन ने उपस्थित परिवार के सदस्यों से आह्वान किया की महर्षि दधीचि कि इस अंगदान की परम्परा को पुनर्जीवित करें तथा पीड़ित मानवता कि सेवा में अपना योगदान करें। बिमल जैन ने पटना के सभी समाचार पत्रों,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकारों,मीडिया के रिपोर्टरो का दिल से धन्यवाद दिया कि मानवता की इस पवित्र मुहिम को  वे समाचार में उच्च प्राथमिकता दे रहे है।

बिमल जैन ने बिहार सरकार एवं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय से अनुरोध किया कि सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में नेत्र अधिकोष तथा उसके यथाशीघ्र संचालन के संकल्प को मूर्त रुप देने की कोशिश करे।क्योंकि आपने तीन महीनों का समयसीमा तय किया था। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्षडॉ सुभाष प्रसाद,इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ विभूति प्रसन्न सिंह,अरुण सत्यमूर्ति,नंदकिशोर अग्रवाल,सुषमा साहू,आनंद प्रधान,शैलेश महाजन,पवन केजरीवाल एवं अनेक सदस्यो ने पुष्पाजंलि अर्पित कर विनयाजंलि अर्पित की I

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