पाकिस्तान के अस्पताल में हिंदू भील समुदाय की गर्भवती से क्रूरता, जहां सभी डॉक्टर-नर्स जिहादी मजहब के

जिहादी मजहब के डॉक्टर – नर्स को जब पता चला कि यह महिला हिंदू धर्म की है तब उन्होंने सिजेरियन से डिलीवरी कराने को कहा था लेकिन डिलीवरी कराते हुए जानबूझकर बच्चे का सिर धड़ से अलग कर दिया ताकि बच्चा मर जाए और साथ में हिंदू मां को मारने के उद्देश्य से ही बच्चे का सिर मां के पेट में ही छोड़ कर पेट को सील दिया।

िहादी मजहब के डॉक्टर और नर्स को जब पता चला कि यह महिला हिंदू धर्म की है तब उन्होंने सिजेरियन से डिलीवरी कराने को कहा था लेकिन डिलीवरी कराते हुए जानबूझकर बच्चे का सिर धड़ से अलग कर दिया ताकि बच्चा मर जाए और साथ में हिंदू मां को मारने के उद्देश्य से ही बच्चे का सिर मां के पेट में ही छोड़ कर पेट को सी दिया।

हिंदू भील महिला के परिवार वालों ने हंगामा खड़ा किया और परिवार के एक सदस्य ने ही पूरी नृशंस घटना का वीडियो बनाया तब जाकर यह मामला सामने आया है।

वीडियो सामने आते ही घटना को दबाने के लिए जल्दी जल्दी हिंदू महिला का ऑपरेशन किया गया और मृत बच्चे के सिर को पेट से बाहर निकाला गया है और अभी महिला जीवित है लेकिन इतनी क्रूरता किसी डॉक्टर और नर्स के मन में कैसे हो सकती है कि एक नवजात शिशु की गर्भ नाल काटने के स्थान पर बच्चे की गर्दन ही काट डालें और दरिंदगी की हदें पार करते हुए उस बच्चे के सिर को मां के पेट में छोड़ दें ताकि वह बेचारी दर्द से तड़पते हुए एक पीड़ा भरी मृत्यु को प्राप्त हो?

सच है कि जिहाद मनुष्य को मनुष्य नहीं शैतान अर्थात पिशाच बना देता है और मानवीय मूल्यों को उस मानव शरीर से सदा के लिए ही खींच कर अलग कर देता है।

लेकिन इस खौफनाक घटना को पाकिस्तानी मीडिया और भारतीय मीडिया में केवल एक दुर्घटना लिख कर पूरे विश्व को गुमराह / भ्रमित करने की कुत्सित और घिनौनी चेष्टा की जा रही है जबकि यह एक घोर अपराध है लेकिन चूंकि हिंदुओं की जान और हिंदुओं के बच्चों की जान बहुत ही ज्यादा सस्ती है इस संसार में और इसलिए कहीं कोई शोर नहीं सुनाई दे रहा है।

और तो और वीडियो बनाने वाले सदस्य को ही अपराधी घोषित कर रही है पाकिस्तान सरकार क्योंकि उसको पता है कि कोई कभी पाकिस्तान के ऊपर हिंदुओं के मानव अधिकारों पर कोई दबाव नहीं बना सकते हैं क्योंकि हिंदू तो मारे जाने के लिए ही पैदा होते हैं और इसलिए यह खबर भी दबी हुई रह जायेगी। वैसे सोचिए कि जिहादी मजहब वालों की सोच और मानसिकता कितनी भयावह और घृणित है कि इनको मनुष्य कहते हुए भी घृणा होती है क्योंकि यह मनुष्य नहीं हो सकते हैं क्योंकि यह केवल नर पिशाचों का ही कर्म हो सकता है जो यह कर रहे हैं।

नीचे संलग्न चित्रों में से एक सुबह के न्यूज की कटिंग है लेकिन उसमे केवल गलती की बात कही गई है जो सच नहीं है क्योंकि आप सभी जानते हैं कि किसी जन्म ले रहे बच्चे की गर्दन गलती से नही काटी जा सकती है बल्कि जान बूझ कर ही पाकिस्तानी डॉक्टर और नर्स ने यह कुकृत्य किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *