नीतीश कुमार ही बनेंगे सीएम, सर्वसम्मति से महागठबंधन के चुने गए नेता

सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंचे नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव, ललन सिंह भी मौजूद

बिहार में बीजेपी-जेडीयू का गठबंधन खत्म हो चुका है. अब बड़ी खबर आ रही है, अब फाइनल हो गया कि नीतीश कुमार ही बिहार के सीएम बनेंगे. महागठबंधन में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुन लिया गया है. 10 सर्कुलर रोड़ पर महागठबंधन की बैठक चल रही है. इस बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है. राबड़ी आवास और एक अणे मार्ग पर खुशी का माहौल है. चाचा-भतीजे एक साथ आकर बहुत ही खुश है. राबड़ी आवास पर फुलों का गुलदस्ता देकर नीतीश कुमार का स्वागत किया गया.

1 अणे मार्ग में नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास के साथ महागठबंधन के सभी विधायक और सांसद मौजूद है. विधायकों का समर्थन पत्र लेकर नीतीश सीएम हाउस पहुंचे हैं. सीएम हाउस में महागठबंधन के सभी बड़े नेता मौजूद हैं और आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के दौरान विधायकों से कहा कि भाजपा के साथ हम लोग ठगा महसूस कर रहे थे. 2019 में भी मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन प्रतिनिधित्व नहीं मिला. 2020 के चुनाव में चिराग पासवान के जरिए हमें कमजोर करने की कोशिश की गई और अभी हमारे विधायकों को तोड़ने की साजिश चल रही थी. पार्टी को एकजुट रखना मुश्किल था ऐसे में हमने भाजपा से अलग होने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री की पहल को तमाम विधायकों और सांसदों ने एकजुट होकर समर्थन दिया नेताओं ने फैसले के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अधिकृत किया.

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव राजभवन पहुंच चुके हैं. राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. नीतीश कुमार के पास 164 विधायकों का समर्थन है. इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही उन्होंने राज्यपाल को सरकार बनाने का समर्थन पत्र सौंप दिया है. इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने एनडीए सरकार में मिले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्हें बीजेपी के साथ एक नहीं कई दिक्कतें थीं. उनके नेता बाद में सबकुछ विस्तार से बता देंगे.

इससे पहले मुख्यमंत्री आवास से करीब 500 मीटर दूर राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और अपना त्यागपत्र सौंप दिया. नीतीश जब राजभवन पहुंचे तो उसके बीच समर्थकों की भारी भीड़ ‘जिंदाबाद’ के नारे लगा रही थी. नीतीश कुमार बाद में तेजस्‍वी यादव से मिलने के लिए बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास के लिए निकल गए. राबड़ी देवी के घर से निकलने के बाद तेजस्वी और नीतीश कुमार साथ-साथ बाहर आए. इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल, लेफ्ट पार्टी और कांग्रेस के विधायक सीएम आवास पर पहुंचे. जहां नए गठबंधन के विधायक दलों की बैठक शुरू हुई. इसमें नीतीश कुमार को महागठबंधन के विधायक दल का नेता चुना गया. यानी अब तय हो गया कि महागठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे.

नीतीश कुमार के इस फैलसे पर बीजेपी ने करारा पलटवार किया है. बीजेपी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता और भाजपा को धोखा दिया है, इसका जवाब CM को देना होगा. बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि 2020 विधानसभा चुनाव में मैनडेंट बिहार में बीजेपी और जदयू को मिला था. प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार को सीएम बनाया. बिहार की जनता को धोखा दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के जनादेश के साथ नीतीश कुमार ने धोखा किया. जनता माफ नहीं करेगी. धोखा का जवाब बिहार की जनता जरुर देगी.

राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों में आम सहमति बनी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी के साथ काम करना मुश्किल हो रहा था. इससे पहले नीतीश कुमार ने जदयू के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी. इस बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी ने हमेशा अपमानित किया और जेडीयू को खत्म करने की साजिश रची गई है. सीएम से कहा कि 2020 से ही उनका वर्तमान गठबंधन उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहा है.

बता दें कि नीतीश कुमार ने 160 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपकर सरकार बनाने का दावा किया है. नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ फिर बिहार में नई सरकार बनाने जा रहे हैं. इस बीच हम सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने भी नीतीश कुमार को समर्थन दे दिया है. मांझी ने बिना शर्त महागठबंधन को समर्थन दिया है. इसके साथ ही अब महागठबंधन के पास विधायकों की संख्या 164 हो गई है. बिहार में सत्ता का जो नया समीकरण होगा उसके मुताबिक जेडीयू, राजद, कांग्रेस और लेफ्ट के दल आपस में मिलकर सरकार बनाएंगे. नीतीश कुमार 160 विधायकों (आरजेडी-79, जेडीयू-45, कांग्रेस-19, लेफ्ट-16 और निर्दलीय-1) का समर्थन-पत्र लेकर राजभवन गए. ऐसे में महागठबंधन के पास 164 विधायक का समर्थन है. इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को महागठबंधन के सभी दलों के विधायकों ने अपना समर्थन पत्र सौंप दिया. तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के विधायकों का आभार जताते हुए कहा कि आप लोगों ने मुझ पर भरोसा किया है, इसके लिए आप लोगों का आभार व्यक्त करता हूं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *