झारखण्ड राज्य अनुबन्ध कर्मचारी महासंघ झारखण्ड केंद्रीय समिति ने आदिवासी एवं मूलवासी सँयुक्त संघर्ष मोर्चा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता के विरोधी बताया

सांकेतिक फोटो

जिसमे कहा गया है कि “हेमंत सोरेन सरकार द्वारा कांट्रेक्ट कर्मियों को स्थायी करने की घोषणा का विरोध किया है ।”

झारखण्ड के अनुबन्धकर्मियो के स्थायी करने के मुख्यमंत्री झारखण्ड के घोषणा का विरोध करने वाले झारखण्ड के मूलवासी आदिवासी हितों के रक्षक नही बल्कि आदिवासी मूलवासी जे नाम पर दुकान चलाने वाले झारखण्ड के मेहनत कस कामगारों के विरोधी मानसिकता के लोग हैं ।जिन्हें यह मालूम नही है कि झारखंड में संविदा पर काम करने वाले 95 फीसदी लोग झारखण्ड के सुदूर गांव देहात के गरीब आदिवासी मूलवासी के परिवार के बच्चे हैं ।

जो विगत सरकारों की गलत नियुक्ति नियमावली/दोहरी स्थानीयता के कारण अच्छे नौकरी से वंचित रह गए वह विगत 20 वर्षो से अधिक समय से अपनी सेवा अनुबन्ध में दे रहे हैं ,पूरी कामकाजी जवानी उम्र संविदा में खत्म करने वाले को यदि हेमन्त सोरेन की सरकार स्थायी करने का फैसला लिया है तो यह राज्यहित जनहित युवा हित और मानवता के हित मे है ।महासंघ हेमन्त सरकार के फैसले को पुरजोर समर्थन कर स्वागत करती है ।

जिन्हें अनुबन्धकर्मियो के इतिहास भूगोल की जानकारी नही है वे कृपया सुशील कुमार पांडेय केंद्रीय सँयुक्त सचिव झारखण्ड राज्य अनुबन्ध कर्मचारी महसंघ से एक बार खुले डिबेट कर समझना होगा कि आपका बयान मूलवासी के विरोध में है ।जब सारे स्थायी नियुक्तियों में झारखंड में भाई भतीजे वाद धन बल और अवैध तरीके से हुआ है ,जिसकी पुष्टि सभी जांच एजेंसियों ने किया हैऔर पैसे पैरवी के बल पर बाहरी लोगों में नौकरी बेची गई है ।इतना तो तय है जमीनी स्तर के प्रत्येक अनुबन्धकर्मियो का इतिहास मूलवासी आदिवासी से जुड़ी  है ।

हेमन्त सोरेन के इस फैसले से झारखंड विरोधी मानसिकता के लोग अपनी मायावी चेहरा उजागर कर दिया है और के इसारे पर इस बयान दिया है ।झारखण्ड राज्य अनुबन्ध कर्मचारी महासंघ हेमन्त सोरेन के फैसले को पूर्ण समर्थन करता है ।सुज्ञात हो झारखण्ड में 6 लाख से अधिक संख्या के अनुबन्ध पंचायत मुख्यालय से लेकर राज्य सचिवालय तक का रीढ़ है ।

अनुबन्धकर्मियो के भरीसे ही पूरी व्यवस्था टिकी है ।झारखण्ड अनुबन्धकर्मियो की हितों की रक्षा जे लिए दिन रात मेहनत करने वाले विक्रांत ज्योति ,सुशील पाण्डेय विनय सिंह ,राजेश दास महेश सोरेन के संघर्ष से अब सरकार को हमारे हितों की रक्षा की बारी आई तो जो लोग विरोध कर रहे वे युवा विरोधी हैं ।सरकार के विरोध करने वालो को अनुबन्धकर्मियो के इतिहास को पढ़ने और समझने की जरूरत है ।उक्त आशय की जानकारी महेश सोरेन और डॉक्टर राजेश कुमार दास ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया है ।

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