घोटालों की महत्वपूर्ण फाइलों के कारण विश्वेश्वरैया भवन में लगाई गई भीषण आग? अब दो दिन प्रवेश पर भी रोक, एक सफाईकर्मी की भी हुई मौत

प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि आग लगने से पहले यहाँ एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नही थे, जबकि हर समय भवन में 5-6 पुलिस कर्मी सुरक्षा में तैनात रहते है, दूसरी बात है कि कुछ सरकारी चमचे media वाले आकर इंतजार कर रहे थे की कब आग भयानक रूप ले और हम लोग रिपोर्टिंग शुरू करें, इसीसे साफ हो जाता है आग लगा नही था लगाया गया था. मीडिया और पुलिसकर्मी को इसकी पहले से जानकारी थी

बिहार की राजधानी पटना के विश्वेश्वरैया भवन में लगी आग को कई घंटे की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका. इसमें करोड़ों की संपत्ते और कागजात की क्षति हुई है.इसके साथ ही जगदीश प्रसाद नामक एक सफाई व्यक्ति की जान भी चली गई.मृतक के परिजनों ने आज शव के साथ विश्वेश्वरैया भवन कैंपस में प्रदर्शन किया और मुआवजा की मांग की.

इस दौरान परिजनों ने कहा कि आग लगने की वजह से मजदूर जगदीश झुलस गए थे.उन्हें रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया और पीएमसीएच मे भर्ती कराया गया,जहां इलाज के दौरान मौत हो गई.मृतक का परिवार काफी गरीब है।इसलिए परिवार के भरण पोषण के लिए मुआवजा मिलना जरूरी है.

स्थानिये लोगो का कहना हैं कि इसमें पहली बार आग सुबह 5 से 6 बजे के बिच लगा था, जो खुद से बुझ गया, फिर दुबारा 6.45 से 7.00 के बिच लगा वह भी बुझ गया, लेकिन इसके बाद 8.00 बजे जो आग लगा वह बहुत ही भयानक रूप से अचानक लगा था, लग रहा था, किसी ने पेट्रोलियम तेल का उपयोग किया ही आग लगाने में. क्योंकि तीनों बार लगने आग के धुएं में काफी अंतर था. पहला और दूसरा आग में धुआ का रंग चांदी की तरह उजला चमकीला था, जो कागजों को जलाने पर निकलता है. तीसरी बार जो आग लगा, उसका धुआ काला और हरा चमक के साथ निकल रहा था, जिससे साफ पता चलता है, इस आग में पेट्रोलियम पदार्थ मिला हुआ है. नही तो धुआं पहले जैसा ही निकलता. लोगों का कहना है कि आग लगने से पहले ही यहाँ एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नही थे, जबकि हर समय भवन में 5-6 पुलिस कर्मी सुरक्षा में तैनात रहते है, दूसरी बात और है कि कुछ media वाले यह आकर इंतजार कर रहे थे की कब आग भयानक रूप ले और हम लोग रिपोर्टिंग शुरू करें, इसीसे साफ हो जाता है आग लगा नही था लगाया गया था.

राजधानी पटना स्थित विश्वेश्वरैया भवन में बुधवार की सुबह आग लग गई. पांचवें तल पर लगी आग ऊपर सातवें और नीचे तीसरे तल तक विस्तार पा गई.  सुबह आग लगी थी और शाम करीब छह बजे तक आग की लपटों पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन बिल्डिंग से धुआं उठता रहा. आस-पड़ोस के जिलों से अग्निशमन वाहन बुलाए गए. इस भवन में पांच विभागों के कार्यालय हैं. ग्रामीण कार्य विभाग, भवन निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और पथ निर्माण विभाग के सामान जल गए हैं.

पटना के विश्वेश्वरैया भवन में बुधवार को लगी आग में करोड़ों की क्षति.आग लगने से पांचवां, छठा और सातवां फ्लोर क्षतिग्रस्त हुआ है. घटना में कई विभागों के दफ्तर जल गए हैं. महत्‍वपूर्ण कागजात राख हो गए हैं. गुरुवार को भवन की सफाई हो रही है. भवन में दो दिनों तक आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है.

विश्वेश्वरैया भवन के सर्वर रूम में बुधवार की सुबह शाट सर्किट से लगी आग में दो मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया. स्थल का मुआयना करने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त सह भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने आज से दो दिनों के लिए विश्वेश्वरैया भवन में प्रवेश पर रोक लगा दी है.

इस दौरान सीएम ने मुख्य सचिव आमीर सुहानी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदय कांत मिश्रा, फायर ब्रिगेड की डीजी शोभा अहोतकर, पटना के प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि सहित मौके पर मौजूद वरीय अधिकारियों के साथ आग के कारणों और सहित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेते रहे. इसके बाद सीएम ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भविष्य में सरकारी भवनों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपकरणों से लैश करने के लिए कदम उठाया जायेगा.

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